टर्मिनल ब्लॉकों की अनुप्रयोग सीमा
1. औद्योगिक नियंत्रण और स्वचालन (सबसे बड़ा और प्रमुख अनुप्रयोग क्षेत्र)
पीएलसी प्रणाली: इनपुट/आउटपुट सिग्नल लाइनों, पावर लाइनों और संचार लाइनों को जोड़ने के लिए उपयोग की जाती है।
फ्रीक्वेंसी कन्वर्टर और सर्वो ड्राइव: मोटर पावर लाइन, कंट्रोल सिग्नल लाइन और ब्रेक रेजिस्टेंस लाइन को कनेक्ट करें।
औद्योगिक नियंत्रण कैबिनेट/वितरण कैबिनेट: यह सबसे सघन स्थान है जहाँ टर्मिनल ब्लॉकइसका उपयोग कैबिनेट के अंदर/बाहर विभिन्न प्रकार के विद्युत वितरण और सिग्नल स्थानांतरण के लिए किया जाता है।
सेंसर और एक्चुएटर: विभिन्न प्रॉक्सिमिटी स्विच, फोटोइलेक्ट्रिक सेंसर, तापमान सेंसर, सोलनॉइड वाल्व, न्यूमेटिक कंपोनेंट आदि को कनेक्ट करते हैं।
एचएमआई और इंस्ट्रूमेंटेशन: टच स्क्रीन, बटन, संकेतक लाइट, मापन उपकरण आदि को कनेक्ट करें।
रोबोट प्रणाली: रोबोट के शरीर और नियंत्रण कैबिनेट के अंदर सघन विद्युत कनेक्शन बनाए जाते हैं।
2. शक्ति और ऊर्जा क्षेत्र
विद्युत उत्पादन प्रणाली: पवन ऊर्जा उत्पादन (टावर, इंजन कक्ष, कनवर्टर कैबिनेट), फोटोवोल्टिक विद्युत उत्पादन (कॉम्बिनर बॉक्स, इन्वर्टर), जल/तापीय विद्युत संयंत्र का द्वितीयक परिपथ।
विद्युत पारेषण और वितरण प्रणाली: सबस्टेशन के सुरक्षा स्क्रीन, नियंत्रण स्क्रीन और स्विचबोर्ड का उपयोग रिले सुरक्षा, माप और नियंत्रण लूप के लिए किया जाता है।
विद्युत गुणवत्ता उपकरण: यूपीएस (विभिन्न पावर ऑफ), वोल्टेज रेगुलेटर, फिल्टर कैबिनेट में कनेक्शन।
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स: रेक्टिफायर, इन्वर्टर और चार्जिंग पाइल के अंदर उच्च-धारा या उच्च-वोल्टेज कनेक्शन।
3. परिवहन
रेल परिवहन: ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (टीसीएमएस), कर्षण प्रणाली, दरवाजा नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था, यात्री सूचना प्रणाली, डिब्बे के अंदर वायरिंग और उपकरण कनेक्शन।
ऑटोमोटिव विनिर्माण:
पारंपरिक कारों में: बॉडी कंट्रोलर, इंजन ईसीयू, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरिंग हार्नेस एडेप्टर।
नई ऊर्जा वाहन: इनके अनुप्रयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, खासकर उच्च और निम्न वोल्टेज विद्युत कनेक्शनों के लिए, जैसे कि बैटरी प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस), मोटर नियंत्रक, पीडीयू (विद्युत वितरण इकाइयाँ), ऑन-बोर्ड चार्जर (ओबीसी), आदि।
एयरोस्पेस: विमान के कॉकपिट इंस्ट्रूमेंट्स, इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम, लाइटिंग कंट्रोल और अन्य उपकरणों के लिए वायरिंग (टर्मिनल विश्वसनीयता, वजन और झटके के प्रतिरोध के लिए अत्यंत उच्च आवश्यकताएं)।
जहाज की विद्युत प्रणाली: जहाज के कंसोल, विद्युत वितरण बोर्ड और इंजन कक्ष स्वचालन प्रणाली के कनेक्शन नमी-रोधी और नमक के छिड़काव से होने वाले संक्षारण प्रतिरोधी होने चाहिए।
4. निर्माण और अवसंरचना
भवन स्वचालन: अग्नि अलार्म प्रणाली, सुरक्षा प्रणाली (प्रवेश नियंत्रण, निगरानी), भवन स्वचालन प्रणाली (बीए), बुद्धिमान प्रकाश नियंत्रण।
विद्युत उपकरण: भवन वितरण बॉक्स, मीटर बॉक्स, लाइट स्विच सॉकेट के पीछे के कनेक्शन (अक्सर छोटे या रेल-माउंटेड टर्मिनलों का उपयोग करते हुए)।
दूरसंचार और डेटा केंद्र: संचार बेस स्टेशन, सर्वर कैबिनेट, नेटवर्क स्विच और पैच पैनल के लिए बिजली और सिग्नल कनेक्शन।
5. नई ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
ऊर्जा भंडारण प्रणाली: बैटरी समूहों के बीच श्रृंखला/समानांतर कनेक्शन, ऊर्जा भंडारण कनवर्टर (पीसीएस) का कनेक्शन।
चार्जिंग अवसंरचना: डीसी/एसी चार्जिंग पाइलों के भीतर मॉड्यूल कनेक्शन।
पर्यावरण संरक्षण उपकरण: स्वचालित नियंत्रण कैबिनेट में कनेक्शन, जैसे कि जल निकासी उपचार और वायु निगरानी।
6. विशेष अनुप्रयोग
विस्फोट-रोधी क्षेत्र: रासायनिक, पेट्रोलियम, कोयला खदान और अन्य खतरनाक वातावरणों में उपयोग किए जाने वाले टर्मिनलों को विस्फोट-रोधी आवश्यकताओं को पूरा करना आवश्यक है।
उच्च विश्वसनीयता आवश्यकताएं: परमाणु ऊर्जा संयंत्र, चिकित्सा उपकरण (जैसे सीटी, एमआरआई), सटीक उपकरण, टर्मिनल सामग्री, इन्सुलेशन और संपर्क विश्वसनीयता के लिए विशेष मानक हैं।
कठोर वातावरण: बाहरी उपकरण, निर्माण मशीनरी आदि का उपयोग उच्च स्तर की सुरक्षा के साथ किया जाना चाहिए।















